जगन्नाथ पुरी और उड़ीसा

जगन्नाथ पुरी पर्यटन और उड़ीसा

उड़ीसा और जगन्नाथ पुरी एक दूसरे के संपूरक है, जहां उड़ीसा अधिकतर अपने पर्यटन के लिए पूरे विश्व में एवं भारत में विख्यात है उसकी एक प्रमुख वजह यहां का जगन्नाथ पुरी मंदिर है. कहते हैं कि जगन्नाथ पुरी दर्शन से ही लोगों के सारे पाप भूल जाते हैं. जगन्नाथ पुरी मंदिर कितना पुराना है कि लोग इस की कहानियां कहते हुए कभी-कभी आदि काल तक का जिक्र कर देते हैं, हालांकि पौराणिक कथाओं में जगन्नाथ पुरी मंदिर बहुत ही पुराने समय से चला आ रहा है.

कहा जाता है कि जगन्नाथ पुरी का इतिहास भारत के दर्शनीय स्थल में से एवं भारत के ऐतिहासिक स्थल में से एक रहा है, लोग देश-विदेश से जगन्नाथपुरी यात्रा को देखने के लिए एवं कोणार्क सूर्य मंदिर का इतिहास जानने के लिए भारत के पर्यटन स्थल उड़ीसा में स्वयं चले आते हैं.

संस्कृति में उड़ीसा
संस्कृति में उड़ीसा

उड़ीसा के पुरी में कई दर्शनीय स्थल है इसीलिए पुरी के दर्शनीय स्थल में जगन्नाथ पुरी उड़ीसा का धाम इस वक्त सबसे ज्यादा प्रचलित है.

उड़ीसा में पर्यटन के लिए यहां के समुद्री किनारे, नदिया, प्राचीन मंदिर बहुत ही विश्व प्रसिद्ध है. यहां पर लोग अपनी योग साधना करने के लिए भी खींचे चले आते हैं. उड़ीसा का पर्यटन यहां की जंगली प्रवास, यहां के पर्वत और यहां के मंदिर के साथ-साथ यह की प्राचीन कलाकृतियों के लिए भी अत्यंत प्रसिद्ध है.

आइए उड़ीसा के इतिहास के साथ-साथ उड़ीसा के दर्शनीय स्थल एवं उड़ीसा के मंदिर की जानकारी लेते हैं,

वैसे तो उड़ीसा मंदिरों का एक घर कहा जा सकता है, क्योंकि यहां पर हर अगली आपको एक शानदार मंदिर का अद्भुत नमूना दिख जाएगा, यहां की प्रमुख मंदिरों में से जगन्नाथ मंदिर जो कि पूरी में स्थित है और कोणार्क सूर्य मंदिर जो कि कोणार्क में स्थित है उसके साथ तारा रानी मंदिर एवं मुक्तेश्वर मंदिर एवं राजा रानी मंदिर के साथ-साथ लिंग राजा मंदिर जो कि भुनेश्वर में स्थित है, यहां उड़ीसा में विश्व प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है.

उड़ीसा में पौराणिक धाराएं एवं उनकी मान्यता सबसे ज्यादा प्रचलित है. यहां के लोग भूत-प्रेतों एवं तंत्र मंत्र के साथ साथ भगवान ने पूरी आस्था के साथ विश्वास रखते हैं. उड़ीसा में काली विद्या का भी सबसे ज्यादा प्रभाव माना जाता है.

उड़ीसा के जंगल यहां पर काली विद्या एवं मंदिरों के संग्रह के रूप में सबसे ज्यादा प्रचलित है. माना जाता है कि यहां से प्राचीन भारत एवं हिंदुस्तान या हिंदू समाज की स्थापना शुरू हुई थी.

उड़ीसा में ही कलिंग साम्राज्य की स्थापना यहां के मंत्रियों द्वारा शुरू तथा साथ ही साथ यहां पर कटक, पुरी और कोर्णाक पर इनके प्रमुख स्थलों को विद्यमान किया गया.

उड़ीसा के अद्भुत समुद्री किनारे

उड़ीसा अपने शानदार समुद्री किनारों के लिए सबसे ज्यादा फेमस है, यहां की समुद्री किनारों के लिए इसलिए भी प्रचलित है क्योंकि यह 500 किलोमीटर तक के स्क्वायर मीटर क्षेत्रफल में फैले हुए हैं और यह बहुत ही अद्भुत और रोमांचित लगते हैं.
यदि आप पर्यटन प्रेमी है, तो निश्चित रूप से उड़ीसा के समुद्री तट और पूरी के शानदार समुद्र आपको अद्भुत असामान्य और अलौकिक लगेंगे.

यहां के आदिवासी लोगों की यह मान्यता है कि रोज सूर्यास्त के समय उड़ीसा की समुद्री किनारों पर इस विश्व हर शाम राजकोट से होते हुए यहां पर पृथ्वी का आलिंगन करते हैं, उनका यह भी विश्वास है कि वह सारी निर्माण कार्य रात के समय में ही करते हैं, जिससे कि उनकी कलाकृति को कोई भी समझ या देख ना पाए.

यहां की समुद्री बीच कितने अनोखे हैं कि यह प्रकृति का एक अद्भुत नमूना है, यहां पर लोगों के आने-जाने की प्रक्रिया का एक साथ समागम इतना अद्भुत है कि आप स्वयं आश्चर्यचकित हो जाएंगे.

पर्यटन करते हुए कहीं पर भी घूमना चाहते हैं, और खासकर अगर आप समुद्री किनारों पर घूमना चाहते हैं, तो उड़ीसा आपके लिए एक अद्भुत शानदार और अदम्य हो सकता है

उड़ीसा
उड़ीसा

आइए आप जानते हैं उड़ीसा की वेशभूषा,

उड़ीसा की अपनी पारंपरिक वेशभूषा है जो कि काफी कुछ आदिवासियों की वेशभूषा से मिलती जुलती है. क्योंकि यह बहुत ही पुरानी सभ्यता का एक बहुत ही सदृश्य सूचक है, इसीलिए यहां की अधिकतर आदिवासी एवं पारंपरिक लोग कपड़ों के साथ सिर्फ कुछ कपड़ों में ही दिखते हैं. हालांकि अब उड़ीसा एक काफी विकसित और प्रभावशाली भारत के राज्यों में से एक है किंतु फिर भी यहां के लोग अपनी मान्यताओं एवं विरासत को अपने साथ रखना पसंद करते हैं.

यहां के लोग आज भी जंगल को प्रकृति देवी के रूप में पूछते हैं और उसका सम्मान और आदर करते हैं.

भारतीय कला एवं संस्कृति में उड़ीसा का अद्भुत अदम्य योगदान रहा है इसमें किसी भी प्रकार का कोई शक या किसी भी प्रकार की कोई संभावना नहीं बचती है उड़ीसा कलाकृति के मामले में भारत की अनोखी खजाने में से एक है.

उड़ीसा को एक ऐसी अद्भुत प्राकृतिक श्रृंखला दी है जहां पर कभी खत्म ना हो पाने वाली प्रकृति के साथ हमेशा के लिए रहेगी.
भारत के पर्यटन स्थल में से जब भी किसी भी राज्य का नाम सर्वोपरि आता है तो उसमें उड़ीसा की कलाकृतियां सबसे अधिक प्रभावित और सर्वोपरि होती है.

उसका कारण क्या है कि भारत के ऐतिहासिक स्थल में से एक उड़ीसा, शांति शब्द धौलागिरी और पुष्पगिरी बिहारा के साथ-साथ ललित गिरी बुद्धिस्ट कॉन्प्लेक्स की एक शानदार कलाकृतियां मौजूद है, इसके साथ ही साथ उदयगिरि और कामगिरी गुफाएं यहां के जैन समुदाय के लिए सबसे ज्यादा अद्भुत और अनोखी है.

उड़ीसा के शानदार पर्वत
उड़ीसा के शानदार पर्वत

यह कि स्कूली बच्चे अपने पिकनिक पर हमेशा इस स्थल पर आते हैं और यहां की कलाकृतियों का अनोखा संगम देखकर बहुत ही अद्भुत महसूस करते हैं. यह सच है कि हमें अपनी भारत के सभी स्कूलों में इस प्रकार की शिक्षा और दर्शन शास्त्र का ज्ञान देना आवश्यक है.

सच्चाई है कि हम अपने आज के प्राथमिक विद्यालयों और इंटरमीडिएट विद्यालयों में इस प्रकार की शिक्षा दे रहे हैं जो कि सिर्फ किताबों तक ही सीमित है या सिर्फ उन्हें रखने और लिखने तक ही सीमित कर देता है. किंतु अब वह समय है जब हमको भारत के पर्यटन के विषय में और भारत के इतिहास के विषय के साथ साथ भारत की कलाकृति के बारे में काफी संक्षेप में बताएं जाने के बजाय काफी विस्तृत विवरण देना जरूरी है.

इस प्रकार लोग हमारी पुरातन काल के समय के बारे में समझ सकेंगे और आने वाले समय के बारे में पुरानी इतिहास एवं भविष्य को जोड़ कर देख सकेंगे. जो कि भारत के विकास में एक अद्भुत और अनमोल साबित हो सकता है

उड़ीसा में कई प्रकार की हीरे भी पाए गए, पुराने समय में यहां पर लोग हीरे की खुदाई करने के लिए आते थे लोगों का प्रकृति का वास है और देवताओं की कृपा है इसी कारण यहां पर पूरे विश्व के सबसे अनमोल खजाने हीरे का उद्गम यही से होता है.

अंग्रेजों के समय में यह बात काफी सच साबित भी हुई और अंग्रेजों ने यहां की हीरो को खोजा और उसको अपने देश में लिखे गए इसी कारण उड़ीसा को हीरो का देश भी माना जाता है किंतु अब यह सच है कि सारे अधिकतर निकाल लिए गए हैं या तो वह शेष नहीं बचे.

उड़ीसा के किले

उड़ीसा अपने किले के बारे में भी काफी मशहूर है, उड़ीसा के किले काफी सख्त एवं मजबूत माने जाते हैं यहीं से अधिकतर अंग्रेजों की लड़ाइयां लड़ी गई और जीती गई.

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उड़ीसा का काफी प्रमुख रोल रहा, बारामती किला जो कटक के पास है यहीं से महानदी की सहायता प्राप्त कर गोली बारूद ओं का आवागमन और खाने-पीने की व्यवस्था स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिए की गई. उड़ीसा के किले में अधिकतर तो पर अंग्रेजों को भगाने एवं उनके दांत खट्टे करने में भी काफी काम आए.

बारामती किला जो कि उड़ीसा का एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, उड़ीसा के इतिहास के सबसे पुराने किलो में से एक है. यह बहुत ही सुंदर और अंदर से काफी मजबूत बनाया गया है, यहां की किलो की नक्काशी मुगल साम्राज्य और अंग्रेजों की पारखी नजर का एक अद्भुत संगम है.

उड़ीसा की झीलें
उड़ीसा की झीलें

उड़ीसा की झीलें

उड़ीसा का समुद्री किनारा जितना ही शानदार और मनमोहक है, उससे कहीं ज्यादा यह की झीले और यहां की लोगों को मदहोश और आगोश में ले लेते हैं.
उड़ीसा का चिल्का लेक यहां का सबसे बड़ा और इंडिया का उष्णकटिबंधीय क्षेत्र का सर्वाधिक लंबा झील माना जाता है.
यहां पर अधिकतर प्रेमी युगल अपने प्रेम को और अपनी नई कहानी लिखने के लिए आते हैं. किंतु से भी ज्यादा सच यह है कि यहां पर विश्व प्रसिद्ध है लोग अपनी और अपनी प्रक्रिया सोशल मीडिया पर किसी सूचना एवं संबंध को प्रेरित करने के लिए आते हैं.
यहां का सूर्यास्त बहुत ही अद्भुत और अनोखा होता है अगर आपको कभी भी समय मिले तो यहां की झीलों और यहां की सूर्यास्त का जरूर आनंद उठाएं बहुत ही अद्भुत मौका है.

उड़ीसा के शानदार पर्वत

उड़ीसा न सिर्फ अपनी जंगलों के लिए बल्कि उची उची और घने पहाड़ों के लिए भी जाना जाता है. उड़ीसा के अधिकतर जंगल यहां के सबसे घने पर्वतों और उनकी श्रृंखलाओं में से एक है. दरिंगबाड़ी पर्वतमाला उड़ीसा की सबसे शानदार सूर्यास्त स्थलों में से एक है, किंतु पूरी सच्चाई या नहीं है बल्कि यहां से धर्म और तन साहब जैसे अलग-अलग सनसेट प्वाइंट्स है जहां पर किलो अपनी योग निद्रा और अपनी क्रियाकलाप की जानकारी संग्रहित करते हैं

उड़ीसा का सारांश

उड़ीसा एक राज्य एक पूरा देश है, यहां की कलाकृति यहां के पर्वत माला और यह आदिवासी परंपरा इस पूरे राज्य सबसे अलग और अनोखा बनाती है. नासिक पर्यटन के लिहाज से बल्कि अगर आप एक भारतवासी है फिर भी आप यहां पर आ कर के अपने देश के बारे में और उसकी परंपरा, विशेषता, गहराई कि समझ को और उसके बारे में लोगों को समझा सकते हैं.
आज उड़ीसा के कर्मशील लोग कहीं जापान में कार्यरत है, तो कहीं भारत की संसद को चला रहे हैं, कहीं भारत के इंजीनियर्स के रूप में इस देश की शक्ति को मजबूत बना रहे हैं, तो कहीं भारत और अन्य विश्व की सभी कोनों में मेडिकल छात्रों के रूप में डॉ का रूप लेकर लोगों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का ध्यान रख रहे हैं

हालांकि नाम अनेक है और मेरे शब्द और वाड़ी काफी छोटी है इन सभी ज्ञानी और विवेकशील लोगों के नाम एक जगह पर समाहित करने में, बॉडी से ज्यादा विचारों में जोश होता है इसीलिए मैं कहना चाहूंगा उड़ीसा सिर्फ एक राज्य नहीं जबकि और देश है!

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